आज नशा समाज की सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक बन चुका है, जिसका दुष्प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की सुख-शांति और सामाजिक व्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इसी गंभीर समस्या को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से बक्सर मेडिकल सिटी फाउंडेशन द्वारा एक व्यापक जन-जागरूकता पहल “नशा मुक्ति अभियान” की शुरुआत की गई है।
इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ जागरूकता पोस्टर के विमोचन के साथ किया गया, जिसके माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक नशा-विरोधी संदेश पहुँचाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ उसकी मानसिक स्थिति, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जीवन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। अतः नशा-मुक्त समाज की स्थापना के लिए निरंतर जागरूकता और सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं।
इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। 28 दिसंबर 2025 को बैनर एवं पंपलेट के माध्यम से स्ट्रीट अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिससे आमजन को सीधे संवाद के माध्यम से जागरूक किया जा सके। इसके बाद 02 जनवरी 2026 को किला मैदान, बक्सर में नशा-विरोधी संदेशों के साथ रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छात्र-छात्राओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान के अगले चरण में 04 जनवरी 2026 को मॉडल थाना के समीप हरित रिबन एवं गुब्बारों का वितरण कर नशा-मुक्ति का सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश दिया जाएगा। युवाओं के बौद्धिक विकास और जागरूकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 15 जनवरी 2026 को चाणक्य एकेडमी, महिला कॉलेज, सरेंजा में मिनी क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं 17 जनवरी 2026 को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को जनसामान्य के समक्ष प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
अभियान को और अधिक सार्थक बनाने हेतु 20 जनवरी 2026 को समाहरणालय के समीप सार्वजनिक शपथ बोर्ड की स्थापना की जाएगी, जहाँ नागरिक नशा न करने और नशा-मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की शपथ ले सकेंगे। अभियान के अंतिम चरण में 22 जनवरी 2026 को शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक पोस्टर अभियान चलाया जाएगा।
बक्सर मेडिकल सिटी फाउंडेशन का यह विश्वास है कि नशा-मुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से ही नहीं, बल्कि नागरिकों, युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और मीडिया की सक्रिय सहभागिता से ही संभव है। यह “नशा मुक्ति अभियान” समाज को एक नई दिशा देने की दिशा में एक सशक्त और सकारात्मक पहल है, जो आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भविष्य प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।